Gurugram में विकास को बड़ा बूस्ट: Metro Project के लिए 11सदस्यीय कमेटी का गठन

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण रहा। हरियाणा सरकार ने इस परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए 11 अधिकारियों की एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति सीधे भूमि मालिकों के साथ बातचीत करेगी, और अधिग्रहण की लागत का वहन जीएमआरएल (गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड) द्वारा किया जाएगा।

Gurugram  Metro Project : प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में गुरुवार को लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की चौथी बैठक में गुरुग्राम जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा और डीसी अजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण रहा। हरियाणा सरकार ने इस परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए 11 अधिकारियों की एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति सीधे भूमि मालिकों के साथ बातचीत करेगी, और अधिग्रहण की लागत का वहन जीएमआरएल (गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड) द्वारा किया जाएगा।

सड़क विस्तार: एआईपीएल मॉल (सेक्टर 63ए) से सीआरपीएफ कैंप तक रोड के विस्तार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह मार्ग सीआरपीएफ कर्मियों, पुलिस स्टाफ और स्थानीय निवासियों के लिए आवश्यक कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगा।

सड़क उन्नयन: 2026-27 के लिए सड़क मरम्मत और उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की गई। विशेष मरम्मत और उन्नयन के तहत कुल 90.16 किलोमीटर सड़क का कार्य मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जिससे सड़क सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा।

ऊँची सड़क: वाटिका चौक से फ़रीदाबाद रोड तक ऊँची सड़क निर्माण की स्थिति पर चर्चा हुई, जिसके लिए विस्तृत डिज़ाइन तैयार किया जा रहा है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग (आरडब्ल्यूएचएस): नगर निगम क्षेत्र में मौजूद 404 आरडब्ल्यूएचएस की सफाई और मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी आरडब्ल्यूएचएस को 31 दिसंबर 2025 तक कार्यात्मक बनाने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

स्टॉर्म वाटर ड्रेन: वाटिका चौक से NH-48 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण प्रगति पर है। कुल 4,622 मीटर में से 2,570 मीटर कार्य पूरा हो चुका है, जिसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

अपशिष्ट प्रबंधन: बसई प्लांट की क्षमता 1200 मीट्रिक टन पर संचालित की जा रही है, जबकि ठोस अपशिष्ट और सीएंडडी अपशिष्ट (निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट) का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

बैठक में खेड़की दौला टोल के नए स्थल का सर्वेक्षण और भूमि हस्तांतरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डीसी गुरुग्राम को भूमि हस्तांतरण और आगे के कार्यों की निगरानी का ज़िम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा, सेक्टर 72 बूस्टर स्टेशन से अतिरिक्त जल आपूर्ति पर भी बातचीत हुई।

बैठक में गुरुग्राम नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त अंकिता चौधरी, मानेसर नगर निगम के आयुक्त प्रदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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